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जो होता है अच्छे के लिए होता है | हिंदी कहानी

जो होता है अच्छा होता है गीता – कहानी 1

दोस्तों आप सभी ने यह line तो ज़रूर सुनी होगी कि जो होता है अच्छे के लिए होता है। हम में से बहुत से लोग इसका सही मतलब नहीं जानते है। परंतु अगर किसी की मृत्यु होती है, तब सभी यह कहते है कि जो हुआ अच्छा नही हुआ। तो फिर इस line का क्या मतलब होता है कि जो होता है अच्छे के लिए होता है। तो आइए इसे एक कहानी के द्वारा जानते है।

एक बार की बात है, यमराज अपने यमदूत को धरती पर एक औरत को लेने के लिए भेजते है। जब वह धरती पर उस औरत के पास पहुंचते है तो वो देखते है कि उस मृत शरीर के पास 2 बच्चियां होती है।

एक बच्ची अपनी मां के साथ खेल रही थी और एक बच्ची रोते रोते सो गई थी। वह देख कर यमदूत को अच्छा नहीं लगा और वह उस मृत शरीर को लिए बिना ही यमलोक चले गए।

वहा जाकर वह यमराज को बोले कि हे प्रभु! क्या हम उस मृत शरीर में थोड़े समय के लिए जान नही डाल सकते, क्योंकि उसकी बेटियां बहुत ही छोटी छोटी सी है, पिता न होने के कारण वह अनाथ हो जाएंगी।

यमराज जी बोले कि तुमने उस मृत्यु शरीर को न ला कर अच्छा नही करा, यह करके टीम परमात्मा के काम में विघ्न डाल रहे हो। इसके लिए तुम्हे सज्जा दिया जायेगी।

यमराज ने कहा कि तुम धरती पर चले जाओ और तब तक वापिस नही आना जब तक तुम अपनी मूर्खता पर हसीं न उड़ाओ। यमदूत धरती पर चले जाते है।

यमराज द्वारा सर्दी के कपड़े न दिए जाने पर यमदूत ठंड के मारे ठिठुर रहा था। उसी समय वहा से एक व्यक्ति जा रहा होता है।

उसे यमदूत को ऐसी हालत में देख कर बहुत दया आ जाती है, उस व्यक्ति के हाथ में एक कंबल था जो कि वह अपने बच्चो के लिए ले जा रहा था परंतु उसे दया आ जाती है और वो वह कंबल यमदूत को दे देता है और उसे अपने साथ घर चलने के लिए कहता है।

जब वह व्यक्ति घर पहुंचता है तब उसकी बीवी उससे पूछती है कि क्या तुम बच्चो के लिए कंबल नहीं लाए। तब वह व्यक्ति बताता है कि यह कंबल मैने इनको दे दिया, तब उस व्यक्ति की बीवी गुस्सा हो कर बोली कि इस कंबल की ज्यादा जरूरत इन बच्चो को है।

यमदूत मन ही मन में हसने लगा और कहने लगा कि इनको नही पता की इनके घर यमदूत आया है। वह व्यक्ति चमड़े के जूते बनाया करता था और वहां रहते रहते यमदूत भी यह बनाना सीख गया।

यमदूत इतने अच्छे चमड़े के जूते बनाया करता था की सभी लोग उनसे चमड़े के जूते बनवाने आते थे। एक बार उस नगर के राजा ने अपने सिपाही को उस व्यक्ति के घर भेजा।

वह सिपाही उस व्यक्ति के घर एक चमड़ा ले कर जाता है और कहता है कि यह चमड़ा लो, यह चमड़ा आपको कही नही मिलेगा और तुम इस चमड़े से राजा के लिए सुंदर से जूते बना दो।

परंतु यमदूत ने उसके जूते बनाने के बजाए, स्लीपर बना दिए। उस समय स्लीपर उस व्यक्ति के लिए बनाए जाते थे जिसकी मृत्यु हो गई होती है। वह स्लीपर देख कर वह व्यक्ति बहुत क्रोधित हुआ, वह सोचने लगा की राजा अब उसका क्या हश्र करेंगे।

जब यमदूत से उसकी दात फटकार सुनी तब उन्हे बहुत हसीं आने लगी। इतने में वह सिपाही आता है और कहता है कि तुम उस चमड़े की स्लीपर बना देना क्योंकि राजा की मृत्यु हो गई है।

तब वह व्यक्ति यमदूत से माफी मांगने लगे। तब यमदूत बोले कि मैं तो अपने कर्मो द्वारा किए गई, सज्जा को भुगत रहा हूं। काफी समय बाद, उस व्यक्ति की दुकान पर एक लड़की आई, अपनी 2 बेटियों के साथ।

वह लड़कियां अपनी शादी के लिए जुत्ते बनवाने आई थी। उन लड़कियों को देखते ही यमदूत को याद आता है कि यह वही लड़किया है जो उस मृत महिला के पास रो रही थी।

तब यमदूत उस महिला से पूछते है कि यह बच्चियां कोन है, तब वह बताती है कि यह लड़किया अनाथ है, इनके पैदा होते ही 2 साल बाद इनकी मां इनको छोड़ कर चली गई थी।

मेरे पास भी संतान नहीं थी इसलिए मैंने उन्हें गोद ले लिया और मेरे पास बहुत संपत्ति है और आगे जाकर यही दोनो मेरी संपत्ति की मालकिन बनेगी। तब यमदूत को खुद पर हसी आई, उसे अपनी मूर्खता का एहसास हुआ।

तब वह तीन बार हस्सा। फिर वह व्यक्ति यमदूत से कहता है कि अब आप तीन बार हस चुके हो, अब आप मुझे अपनी हसी का कारण बताए।

तब यमदूत उस व्यक्ति को सारी बात बताता है और कहता है आज मुझे पता चला कि जो होता है अच्छे के लिए होता है, जो हो रहा है वो भी अच्छा हो रहा है और जो होगा, वो भी अच्छे के लिए होगा।

परंतु अगर कोई किसी महिला के साथ गलत कर रहा है, उसके साथ अन्याय कर रहा है तो वह अच्छा नही है।

दोस्तो, यही आज की सच्चाई है, अन्याय को सहन नही करना चाहिए, अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। परंतु इस स्तिथि में यह नही सोचिए की जो हो रहा है अच्छे के लिए हो रहा है, इस समय आपको अन्याय के लिए आवाज उठानी चाहिए।

एक बात जरूर याद रखिए कि परमात्मा हमे हमारे कर्मो का ही फल देते है। परमात्मा जो भी करता है अच्छे के लिए ही करता है। अंत में यही है कि जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है

भगवान जो करता है अच्छा ही करता है  – कहानी 2

ये कहानी है दो ऐसे गाँव की जहाँ की खुशहाली और समृधि हमेशा बनी रहती थी, इन गाँव का नाम था नंदी और रोहड़. ये शहर से सटे दो ऐसे गाँव थे जो सबसे ज्यादा धनी और अमीर थे.

लेकिन  इन दोनों गाँव में कुछ विभिन्ताएं थीं. नंदी गाँव के लोग भगवान को बहुत ज्यादा मानते थे लेकिन रोहड़ गाँव के लोग ज्यादातर लोग नास्तिक थे, भगवान को नहीं मानते थे.

नंदी गाँव के लोग सच्चाई के राह पर चलते थे लेकिन रोहड़ गाँव के लोग लोभी और मतलबी थे.

एक बार की बात है दोनों गाँव में महामारी आती है जिसकी वजह से नंदी गाँव की सीमाओं को सुरक्षा देने वाले सारे कुत्ते मर जाते हैं. वहीं रोहड़ गाँव के कुछ ही कुत्ते मरते हैं.

महामारी फैलते फैलते अन्य जानवरों तक पहुंचती है और नंदी गाँव के सारे जानवर मर जाते हैं. वहीं रोहद गाँव में इसका इतना ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता.

जो होता है अच्छे के लिए होता है

कुछ समय बाद नंदी गाँव में एक नई घटना घटित होती है की जिस तालाब से नंदी गाँव को पानी आता था वो तालाब धीरे धीरे सूखने लग जाता है. ज्सिकी वजह से अब नंदी गाँव के लोगों को पानी की बहुत दिक्कत आती है.

तालाब सूखने से सारे हरे भरे खेतों में सूखा पड़ने लग जाता है, सारे पेड़ पौधे मुरझाने लग जाते हैं. तब नंदी गाँव के लोग निर्णय करते हैं कि अब वे जा के रोहड़ गाँव के लोगों से मदद मांगेगे.

परन्तु रोहड़ गाँव के लोग लोभी और लालची होते हैं, उनके पास सब कुछ जोने के बावजूद भी वे नंदी गाँव के लोगों की मदद नही करते.

अब नंदी गाँव के लोग हर जगह से फंस चुके होते हैं. उनके पास ना जानवर होते हैं, ना खेतों में हरियाली और ना गाँव को सुरक्षा देने वाले कुत्ते. तो वह अपनी किस्मत को कोसते हैं , भगवान से कहते हैं कि भगवान ने उनके साथ बहुत बुरा किआ.

तो वो सभी भगवान के सहारे गाँव से हट के मंदिरों में रहना शुरू कर देते हैं.

एक रात बहुत सरे चोर और डाकू नंदी गाँव में प्रवेश करते हैं. तो जब वो लुटेरे गाँव में प्रवेश कर रहे होते हैं तो वो देखते हैं कि गाँव की सीमा को सुरक्षा की कोई विवसथा ही नहीं है.

यहाँ न कोई जानवर नहीं है, ना गाँव में हरियाली है, अर्थात इस गाँव में कोई नहीं रहता. ये सोच कर लुटेरे आगे बढ़ जाते हैं.

आगे बढ़ कर जब वो रोहड़ गाँव में पहुँचते हैं तो देखते हैं कि गाँव के सुरक्षाकर्मी भी हैं, कुत्ते भी भोंकने लगते हैं. लुटेरे सारे कुत्ते और सुरक्षाकर्मीओं को मार देते हैं और देखते हैं कि गाँव में हरियाली है, जानवर है, इंसान है.

तो सारे लुटेरे गाँव में फैल जाते हैं. जब वे सब कुछ लूट लेते हैं तो सारे गाँव को आग लगा देते हैं, सारे लोगों को मार देते हैं और भाग जाते हैं.

अगली सुबह जब आस पास के गाँव वालों को इसका पता चलता है कि रोहड़ गाँव में  अब कोई भी नहीं बचा, पूरा गाँव शमशान बन चुका है तो नंदी गाँव में किसी को हानि तक नहीं पहुंची.

तब नंदी गाँव के लोगों को समझ आता है कि भगवान ने उनके लिए जो भी दिक्कतें और परेशानियाँ दी, उनमें उनका ही भला था. अर्थात जो होता है अच्छे के लिए ही होता है.

इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि हमारे जीवन में जो भी अच्छी या बुरी घटनाएँ होती हैं उनके पीछे भगवान ने आपके लिए कुछ बेहतरीन और बड़ा सोचा होता है, बस शर्त है कि आप खुश रहें!!

जो भी होता है अच्छे के लिए होता है कहानी 3

एक समय की बात है एक गाँव में एक किसान रहता था. उसके पास खेती करने के लिए ढेर सारी जमीन होती है, लेकिन  फिर भी वो काफी सामान्य और गरीबी वाला जीवन जीता है.

उसके गाँव में एक काफी बुद्धिमान व्यक्ति होता है. वो किसान उस व्यक्ति के पास जाता है और उससे कहता है कि मेरे पास जमीन तो ढेर सारी है लेकिन  फिर भी मैं गरीबी की वजह से परेशान हूँ.

वो बुद्धिमान व्यक्ति उस किसान के साथ उसके घर जाता है. वो देखता है कि उसके पास  जमीन तो ढेर सारी थी लेकिन फिर भी वो जमीन का इस्तेमाल नहीं कर रहा होता.

जो होता है अच्छे के लिए होता है

वो बुद्धिमान व्यक्ति जब समझने की कोशिश करता है कि ये किसान उस जमीन का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहा तो उसे कुछ बातें समझ में आती हैं.

वो व्यक्ति उस किसान को बिना कुछ कहे वहां से चुपचाप निकल जाता है. उस किसान के पास दो भैंसें भी होती हैं. कुछ दिन बाद वो बुद्धिमान आदमी उस किसान के दोनों भैंसों को चुरा लेता है और वो गाँव छोड़ कर चला जाता है.

इस चोरी से उस किसान को बहुत दर्द होता है. कुछ साल बाद जब वो बुद्धिमान व्यक्ति उस गाँव में वापिस आता है तो देखता है कि वो किसान अब गाँव का सबसे धनवान आदमी बन चूका होता है.

परन्तु सवाल यह है कि उस किसान के साथ ऐसा क्या हुआ जो वो कुछ ही सालों में गरीबी से गाँव का सबसे धनवान आदमी बन गया.

दोस्तो, उस किसान के पास ढेर सारी जमीन थी और साथ ही दो भैंसें भी थी और उन दो भैंसों की वजह से उसका गुजारा हो रहा था. यानि वो भैंसों का दूध बेच कर अपना घर चलाता था.

लेकिन जब उस बुद्धिमान व्यक्ति ने उसकी दोनों भैंसों को चुरा लिया तो तब उस किसान के पास खेती करने के अलावा दूसरा कोई भी रास्ता नहीं बचा था.

हमें इस कहानी से एक कमाल की सीख लेनी चाहिए. अक्सर हमारे पास काफी बड़ी बड़ी चीजें होती है कुछ बड़ा करने के लिए. लेकिन हम  छोटी छोटी चीजों में इतना उलझ जाते हैं कि हमें कुछ समझ ही नहीं आता.

इसलिए छोटी चीजों को छोड़ना सीखो तभी बड़े सपने हासिल होंगे

दोस्तो, हमें उम्मीद है आपको “जो होता है अच्छे के लिए होता है” कहानियां अच्छी लगी होंगी, कमेंट करके जरुर बताएं, धन्यवाद !!

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